जैन और माथुर की पुस्तक काफी विस्तृत है। इसलिए पहली बार पढ़ने के बाद, प्रत्येक अध्याय के मुख्य बिंदुओं (फ्लोचार्ट और टाइमलाइन के साथ) के संक्षिप्त नोट्स बना लें।
: For concise revision (250–300 pages) compared to the 700+ page Jain and Mathur book, Drishti IAS offers a World History PDF in Hindi specifically tailored for competitive exams. Book Features & Availability Editions : The 17th Edition (2021) and 18th Edition (2022) are the most recent, published by Jain Prakashan Mandir.
जैन एवं माथुर: विश्व इतिहास का एक विश्लेषण प्रस्तावना: jain and mathur world history pdf in hindi
जैन एवं माथुर विश्व इतिहास पुस्तक का महत्व
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जर्मनी का एकीकरण (बिस्मार्क की 'रक्त और लौह' की नीति)।
छात्रों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है, मुख्यतः इसकी विषय-वस्तु और परीक्षा-उपयोगी शैली के कारण। जो उम्मीदवार मजबूत आधार बनाना चाहते हैं और इतिहास में उच्च अंक प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें इस पुस्तक का नियमित अध्ययन अवश्य करना चाहिए। jain and mathur world history pdf in hindi
वैश्विक प्रभाव' का एक फ्लोचार्ट बना लें। इससे मुख्य परीक्षा के समय रिवीजन करने में आसानी होगी।
5. साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद (Imperialism & Colonialism)