यह बहस लगभग चार घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें दोनों वक्ताओं के प्रस्तुतीकरण के बाद प्रश्न-उत्तर (Q&A Session) का दौर भी शामिल था।
डॉ. नाइक ने इस्लाम में 'तौहीद' (ईश्वर की एकता) पर जोर दिया और हिंदू धर्मग्रंथों से संदर्भ देकर यह तर्क दिया कि वे भी एक ही ईश्वर की ओर संकेत करते हैं।
यह लेख उस ऐतिहासिक डिबेट के प्रमुख बिंदुओं, तर्कों और निष्कर्षों का हिंदी में विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi
अर्थात: "किताबें पढ़-पढ़ कर सारी दुनिया मर गई, लेकिन कोई सच्चा विद्वान (पंडित) नहीं बन सका। ढाई अक्षर (प्रेम) को पढ़ ले, वही सच्चा पंडित है।"
यदि आप इस ऐतिहासिक चर्चा के किसी के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो मुझे बताएं। मैं उस पर और गहरी जानकारी दे सकता हूँ। Share public link If you share with third parties, their policies apply
मैं समझता हूँ कि आप विभिन्न धर्मों के बीच वैचारिक तुलना और उनके पवित्र ग्रंथों के गहरे अध्ययन में रुचि रखते हैं। Share public link
आर्ट ऑफ लिविंग (Art of Living) के संस्थापक, जो अपने शांत स्वभाव और 'वसुधैव कुटुंबकम' (विश्व एक परिवार है) के दर्शन के लिए जाने जाते हैं। If you share with third parties
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1. ईश्वर का स्वरूप: साकार बनाम निराकार
भारत में दो महान आध्यात्मिक और धार्मिक विद्वानों के बीच एक ऐतिहासिक बहस हुई थी। एक तरफ इस्लामिक विद्वान थे, जो अपने तार्किक और कुरान-हदीस के हवालों से मशहूर हैं। दूसरी तरफ आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक और वैश्विक शांति दूत श्री श्री रवि शंकर थे।