Palitana 5 Chaityavandan In Hindi: Full !!install!!
आइए, इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि आखिर हैं क्या ये पांच चैत्यवंदन और इनका आध्यात्मिक महत्व क्या है।
: प्रभु की प्रतिमा या गिरिराज की ओर मुख करके बैठें।
ॐ नमः सिद्धेभ्यः। ॐ नमो अरिहंताणं।
यह चैत्यवंदन इस पावन पर्वत की शाश्वत महिमा और इसके अलौकिक प्रभाव को दर्शाता है। palitana 5 chaityavandan in hindi full
अनंत सिद्धां नो आहे ठाम, सकल तीर्थ नो राय,पूर्व नवाणु ऋषभदेव, ज्यां ठाव्या प्रभु पाय। (२)
चोरासी लाख पूर्व की, जिसकी आयु विशाल।" Tattva Gyan
अंतिम मंगल पाठ के साथ चैत्यवंदन पूर्ण करें। सकल तीर्थ नो राय
पंचिंदिय मिच्छा दुक्कडं, मण-वय-कायं मिच्छा दुक्कडं, अहोरत्तं संठियं मिच्छा दुक्कडं, दिवसंचरियं मिच्छा दुक्कडं, सामाइयं पडिक्कमामि।
पालीताना में केवल मंत्रों का उच्चारण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक विशेष क्रम का पालन करना चाहिए:
प्रत्येक चैत्यवंदन को पूर्ण करने के लिए नीचे दी गई सामान्य जैन विधि का पालन अवश्य करें: पूर्व नवाणु ऋषभदेव
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"श्री शत्रुंजय आदिजिन आविया, पूर्व नवाणु वारजी,अनंत लाभ इहाँ जिनवर जाणी, समोसर्या निर्धारजी।"
भाव धरीने जे चढे, तेने भवपार उतारे।
